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कैसे भारत में एक कंपनी रजिस्टर करते है – Company Registration

हेलो दोस्तों मैं पिंकी यादव आज के अपने इस आर्टिकल में आप सभी का हार्दिक स्वागत करती हूँ। आज का मेरा यह टॉपिक Company Registration कैसे भारत में एक कंपनी रजिस्टर करते है इस पर है। तो चलिए शुरुआत करते हैं…

Company Registration करने की Process :-

कैसे भारत में एक कंपनी रजिस्टर करते है - Company Registration
कैसे भारत में एक कंपनी रजिस्टर करते है – Company Registration

India में ज्यादातर लोगो को उद्यमी बनाने चाह तो दिखती है, लेकिन जैसे ही Company Registration नाम का शब्द लोगो के दिमाग में आता है, तो वो अपने दिमाग में उठ रहे सवालो में उलझ जाते है,

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वैसे तो इस उलझन से छुटकारा पाने के लिए बेहतर तरीका किसी भी lawyer या फिर CA से मदद मना हो सकता है। लेकिन व्यक्ति का स्वभाव में है की उसका जो भी काम हो वो किसी दूसरे से करवाने जा रहा है उसकी थोड़ी बहुत भी जानकारी है तो वो अपने काम को बेहतर कर सकता है।

आज हम इस बात को मद्देनजर रखते हुए जो व्यक्ति उद्यमी बनाने की चाह रखते है उनके लिए Company Registration से सम्बंधित कुछ जानकारी लेकर आये है। Registrar of Company (ROC) का कामकाज MCA (Ministry of Corporate Affairs ) की देखरेख में होता है।

क्योंकि भारत देश एक युवा देश है। India की 65 % से भी अधिक जनता 37 से भी काम साल की है। युवा में कारोबार मतलब की बिज़नेस करने की महत्वकांक्षा छिपी रहती है। क्योंकि हर employed को ऐसा लगता है, की जितना उन्हें पगार मिल रहा है वह काम है।

अर्थार्त उन्हें उनकी काबिलियत और मेहनत के मुताबिक वेतन नहीं मिल रहा है। केवल एहि विचार उनके मन में अपने कारोबार को शुरू करने की महत्वकांक्षा पैदा करता है। कई से कारणो में से एक कारण व्यक्ति का कुछ नया करने का जज्बा और दुनिया में बहुत ही दौलत,शौहरत और कमाई करने का भी होता है।

यदि आपके अंतर्मन में भी कारोबार को शुरू करने का महत्वकांक्षा हिचकोले ले रही है। लेकिन आप यह समझ नहीं पा रहे है की आप कंपनी को कैसे शरू करें। तो आज हमआपको India में Company Registration कैसे किया जाता है उसकी जानकारी देने वाले है।

कैसे एक कंपनी रजिस्टर करते है।

India में Company Register करने का मतलब Business Registration पहले एक बहुत ही जटिल प्रोसेस हुआ करती थी। क्योंकि की उद्यमी को अपने Company Register करने के लिए बहुत से सरकारी दफ्तरो के चक्कर काटने पड़ते थे।

लेकिन भारत में निवेश को बढ़ाने और नए उद्यमियों को पैदा करने के लिए भारत सर्कार ने इस प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। मतलब की कंपनी की अधिकतर प्रक्रिया Online हो सकती है। इस प्रक्रिया को आप अपनाकर कोई भी उद्यमी अपने Business को आसानी से Online Register करवा सकते है।

एक आकड़े के मुताबिक सत्ता आने बाद एक महीने में लगभग 7000 तक नयी कंपनिया Register हो रही थी। जुलाई 2015 से सितम्बर 2015 इन 3 महीनो में लगभग 21000 नयी कंपनिया Register हुई थी।

कैसे भारत में एक कंपनी रजिस्टर करें :

बहुत से लोग अपना बिज़नेस शुरू करने का सोचते है, लेकिन पूरी जानकारी न होने के वजह से उन्हें कई सारे दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कोई भी बिज़नेस को शुरू करने से पहले आप उन कंपनियों के जरुरी नियमो को ध्यान से पढ़ ले।

अगर आपका कोई अपना व्यक्ति पहले से ही कोई बिज़नेस कर रहा है तो आप उसके अनुभव से भी अपनी दिक्कतों को बहुत ही कम कर सकते है। आप चाहे तो किसी कंसल्टेंसी की भी मदद ले सकते है।

किसी भी बिज़नेस को शुरू करने से पहले कुछ फॉर्मेलिटी को पूरी करनी होती है, जिनमे कुछ शुल्क भी जमा होता है। कुछ समय पहले ही डब्लूटीओ ने भारत में बिज़नेस शरू करने के लिए कुछ जरुरी प्रोसेस के बारे में बताया है। आइये जानते है की कंपनी शुरू करने के लिए जरुरी होता है।

  1. (DIN) Director Identification no . Online के लिए आवेदन करें :

भारतीय कंपनी अधिनियम के तहत कंपनी के Registration के समय एक कोरिया नंबर को जारी किया जाता है, जो DIN (Director Identification number) मिनिस्ट्री ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स द्वारा एक Unique Identification Code होता है।

उस कोड से एक व्यक्ति जो कंपनी का Manager बनाना चाहता है, यह उसकी पहचान होती है। इस Code को प्राप्त करने के लिए आपको MCA Portal पर जाकर E-Form Dir-3 भरना पड़ता है। जिसके लिए आपको अप्लीकेशन के लिए 500 रूपए fees भी जमा करनी पड़ती है।

  1. Digital Signature प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करें:

DIN के प्राप्त होते ही आपको Online आवेदन करके Digital Signature Certificate लेना होता है, जिसमे की आपको पुरे एक दिन का समय लग सकता है। इसके लिए आपको 400 रूपए से लेकर 2,700 रूपए तक खर्च करने पद सकते है।

  1. पंजीकरण के लिए कंपनी की नाम उपलब्धता की जांच करें:

इस प्रक्रिया का तीसरा चरण में आपको अपनी कंपनी किस नाम से Register करनी है, उस नाम को सबसे पहले आपको MCA Portal के माध्यम से चेक कर लेना चाहिए, की आप जिस भी नाम को Register करना चाहते है, वो पहले से ही तो किसी और कंपनी से तो रजिस्टर नहीं है।

अगर आप ने जो नाम सोचा है वो नाम किसी और कंपनी के नाम से Register नहीं है, तो आप नाम अपनी कंपनी के नाम से रख सकते है उसके बाद आपको एक inc-1 form भरना होता है।

इसका सीधा मतलब यह होता है की आपके द्वारा सोचा गया नाम आपकी कंपनी के लिए पंजीकृत किया जा चूका है, इस नाम का कोई और व्यक्ति उपयोग नहीं कर सकता है।

  1. कंपनी पंजीकरण के लिए ड्राफ्ट MOA और AOA :

Memorandum of Association और Article of Association ये दोनों ही document बिज़नेस रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के लिए एक अहम किरदार निभाते है। इनमे कंपनी के अंदर लागु होने वाले नियमो का भी उल्लेख करना होता है। यद्यपि Internet पर Sample MOA और AOA मिल जायेंगे,

उद्यमी चाहे तो Internet पर एक Idea तो इनके बारे में ले सकते है, किन्तु इस प्रकार के दस्तावेजों को किसी व्यवसायिक वकील या CA की मदद से ही बनाया जाना चाहिए। क्योनी इनमे लिखित नियमो का उल्लेख Companies Act 2015 के अनुसार ही होना चाहिए।

  1. ऑनलाइन E-Form भरें:

Company Registration के लिए अगला Step MCA Portal में जाकर Incorporation form भरकर इन्हे Submit करने का होता है। व्याडि व्यक्ति One Person Company (OPC) के अंतर्गत Business Registration करना चाहते है तो उसे E-Form INC-2 को भरना होगा। अन्य कंपनियों के प्रकार के लिए E -Form INC -7 भरा जा सकता है।

  1. कंपनी पंजीकरण के लिए स्टाम्प शुल्क का भुगतान करें:

जिसका उल्लेख हमने ऊपर किया है, की दोनों forms (INC-2 , INC-7) को Online भरते समय E -Stamp duty pay करनी होती है। इन Forms को भरते समय उद्यमी pay stamp duty through MCA21 System विकल्प का चयन करके Net Banking, Credit Card, Debit Card, NEFT इत्यादि के माध्यम से Stamp Duty का भुगतान कर सकते है।

हलाकि Stamp Duty राज्यों के आधार पर अंतरित हो सकती है। इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक करने के लिए दो चालान पर लिखित Stamp Duty Pay करनी होती है, इसमें MCA द्वारा उद्यमियों को कुछ दिनों का समय दिया जाता है दिए गए समय के अनुरूप Stamp duty pay करना अनिवार्य है

वार्ना Application Reject हो सकती है। Challan Generate करके स्टाम्प Duty paid होने के बाद जिस राज्य में Registered Office के लिए Apply किया गया है

उस राज्य के Registrar of companies के द्वारा Online fill किये गए, Upload किये गए और Payments के दस्तावेजों की जांच की जाती है। यदि दस्तावेजों या E -Forms में कोई कमी पायी जाती है तो उन्हें दुबारा submit करने के लिए उद्यमी को वापस कर दिया जाता है।

  1. ROC से निगमन प्रमाणपत्र प्राप्त करना:

जब सारीप्रक्रिया पूरी हो जाती है और ROC द्वारा Documents का Verification कर लिया जाता है। वैसे तो E -Form INC-2 , या E-Form INC-7 भर लेने और Challan के Against Stamp Duty Paid कर लेने के बाद ROC को Documents Verification में दो दिनों तक का समय लगता है।

उद्यमी के Registered email पर Incorporation Certificate आने में एक हफ्ते का समय लग सकता है। यदि इसके दौरान एक हफ्ते से ज्यादा समय लगता है तो उद्यमी को अपना Application Status Online Check कर लेना चाहिए। Incorporation Certificate ROC द्वारा केवल Digital form में email के माध्यम से भेजा जाता है

इसलिए उद्यमी को चाहिए की उस फाइल को डाउनलोड करके फिर उसे save कर ले और एक printout करके उसकी एक copy अपने पास रख ले यह विभिन्न कामो जैसे यदि कंपनी के नाम से बैंक में कोई चालू खता खोलना होता है तो बैंक MOA and AOA की प्रति मांग कर सकता है।

  1. PAN Card लागू करें:

कंपनी की जब Registration प्रक्रिया पूरी हो जाती है तब आप PAN Card पंजीकरण के लिए NSDL Online Website के माध्यम से Online आवेदन को आवश्य भरें ताकि आप कंपनी के नाम पर एक PAN Card पंजीकृत करा ले।

पंजीकरण को Approve करने के लिए MCA द्वारा लिया गया समय:

साधारण कंपनी के Registration प्रक्रिया को पूरा होने में कम से कम 16 से 22 दिन का समय लगता है। लेकिन यह समय और भी लम्बा खींचा जा सकता है यदि आप समय पर कंपनी के Registration से सम्बंधित कागजाद को जमा नहीं कराएं है।

आप जीतनी जल्दी अपनी कंपनी के सम्बंधित कागजाद जमा कराएँगे उतनी ही जल्दी आपको सरकार से स्वीकृति मिलाने की संभावना होगी। नए विचारधारा को बहुत ही जल्द स्वीकृति मिल सकती है। आप अपने कंपनी के समन्धित सभी कागजाद Online और Offline दोनों तरह से जमा करा सकते है।

एक कंपनी में निदेशक बनने के लिए पात्रता:

किसी भी Company में Director बनाने के लिए एक व्यक्ति को व्यस्क मतलब की 18 साल या 18 साल के ऊपर की आयु होना चाहिए। जबकि शैक्षणिक योग्यता सम्बन्धी कोई भी प्रकार कोई नियम नहीं लागू है। इसलिए एक अनपढ़ व्यक्ति भी किसी Company का Director बन सकता है।

किसी कंपनी में Director बनाने के लिए यह जरुरी नहीं है की वो नागरिक भारत का ही हो विदेशी व्यक्ति भी भारतवर्ष में किसी भी Company का Director बन सकता है।

एक कंपनी को नामांकित करने के लिए आवश्यक पूंजी:

Company की Worth के बारे में कोई निश्चित पैसो की मात्रा तय नहीं की गयी है। हालाँकि बिज़नेस को अलग- अलग Business Entities में से किसी का चयन करके रजिस्टर करना पड़ता है। Company Types के आधार पर Fees अंतरित हो सकती है।

यह Fees Registration fees न होकर Authorized Capital Fees कहलाती है, जो उद्यमी को Company Register करते समय सरकार को देनी होती है। इसके अलावा उद्यमी को Company Register करते समय किसी भी प्रकार का Capital Investment Proof की जरुरत नहीं पड़ती है।

किसी कंपनी को पंजीकृत करने के लिए कार्यालय का उपयोग किया जाता है:

Private Limited , One Person Company या LLP Company Registration करते वक्त Correspondence और Registerd Office Address भी भरना होगा। इसलिए उद्यमी को Company का Office अवश्य बनाना होगा।

अपने ऑफिस का पता Registrar of Companies के Office में Update भी कराना होगा। यह Office किसी भी क्षेत्र में चाहे वो Commercial Area ही, इंडस्ट्रियल हो,या फिर वो Residential Area हो उसे हम ओपन कर सकते है।

ROC के साथ एक कंपनी को पंजीकृत करने के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  1. सभी प्रस्तुत Directors का पहचान प्रमाण पत्र के साथ पता प्रमाण पत्र भी जरुरी है।
  2. सभी Directors के PAN Card को फोटोकॉपी होनी चाहिए।
  3. Office का Lease Agreement अर्थात Rent Agreement या खुद का जमीन हो तो उसका प्रमाण पत्र।
  4. अगर आपने जमीन किराये पर ली हुई है,तो आप जमीन के मालिक से No Objection Certificate भी बनवायी होगी तो उसकी भी आवश्यकता होगी।
  5. रेजिस्टरकर्ता को खुद का पहचान प्रमाण पत्र और Mailing Address का प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है।
  6. Directors की PAN Card , Voter id or Aadhar Card के साथ Bank Statement Copy या Utility bills जैसे की बिजली, टेलीफोन बिल के प्रति।

ऊपर दिए गए Company Registration पूरा कर लेने के बाद उधमी को उसके बिज़नेस की प्रकृत्ति के मुताबिक अन्य Registration और Licence की भी आवश्यकता होती है। उदहारण: किसी भी ,Manufacturing Unit को स्थानीय प्राधिकरण जैसे की नगर निगम, NOC from Pollution Department यदि Unit आयात निर्यात से संलिप्त है,

तो IEC Code की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा अगर उद्यमी का Business MSME की श्रेणीमें आता है तो उसे उद्योग आधार Registeration भी करा लेना चाहिए।

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