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Business Startup के लिए Fund कैसे प्राप्त करें?

Business Startup Fund – हेलो दोस्तों मैं पिंकी यादव आज के अपने इस आर्टिकल मैं आपका हार्दिक स्वागत करती हूँ। आज का मेरे आर्टिकल का टॉपिक बिज़नेस स्टार्टअप के लिए फण्ड कैसे प्राप्त करें इस पर है। तो चलिए जानते है की बिज़नेस स्टार्टअप के लिए फण्ड कैसे ले और उसके बारे मैं कुछ टिप्स के बारे मैं जानते है। तो चलिए शुरुआत करते हैं..

Business Startup के लिए Fund कैसे प्राप्त करें :-

Business Startup Fund
Business Startup Fund

ज्यादातर सभी Startup पुरे आशा और विश्वास के साथ Business को शुरू करते है, फिर भी कुछ परिस्थिया ऐसे हो जाती है की जब या तो वह कुछ बन जाते है या फिर बर्बाद हो जाते है।

रिसर्च में यह पाया गया है की शुरुआत मैं लगभग 90 प्रतिशत बिज़नेस मैं फण्ड नहीं होने के कारण बिज़नेस बंद हो जाते है।

Fund Business के लिए खून की नलिकाओं जैसा है, जैसे खून होने से शरीर मैं खून का स्तान्तरण होता रहता है वैसे ही उसी तरह बिज़नेस में फण्ड होने से बिज़नेस मैं ट्रांसक्शन होता रहता है। अगर आप स्टार्टअप हो तो आपको हर परिस्थिति का सामना करने के लिए तैयार होना चाहिए।

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अधिकांशत : स्टार्टअप को आगे की तरफ बढ़ने के लिए पूंजी एक आवश्यक तत्व साबित होता है, बिना किसी प्रयाप्त पूंजी के स्टार्टअप को आगे बढ़ने मैं समस्या आती है।

आज हम आपलोग से कुछ Fund Source के बारे में बातें करेंगे की कहा से आप बिज़नेस स्टार्टअप के लिए Fund कैसे प्राप्त करें और स्टार्टअप को हम कैसे आगे बढ़ाये।

Business Startup के टिप्स :-

  1. Bootstrapping द्वारा :

Bootstrapping का मतलब यहाँ होता है की खुद से अपना फण्ड की व्यवस्था करना, जब आप एक बिज़नेस को स्टार्ट करते है तो आपके पास एक ऐसा जरिया जरूर ही होना चाहिए जहा पर आप बहुत ही आसानी से व्याज की पूंजी की व्यवस्था कर सकते है।

बहुत ही ऐसे बिज़नेस है जो अपने आपको सेल्फ मेड कहते है, जिन्होंने बूटस्ट्रैपिंग के द्वारा ही एक बहुत बड़ा बिज़नेस को खड़ा किया है।

बिज़नेस को खड़ा करने के लिए आपको मुश्किलों का सामना करने की शक्ति, आत्मा नियंत्रण, विश्वास आदि आवश्यक है, क्योंकि एक विचार को पुरे बिज़नेस मैं बदलने के लिए बहुत ही Effort की जरुरत है।

यदि हम ऐसा कर लेते है तो आगे चलकर हमें बहुत हाई रिटर्न्स भी देता है।

इस फण्ड के द्वारा आप अपना ही पैसा बिज़नेस मैं लगते है,क्यूंकि जब तक आप अपना पैसा बिज़नेस मैं नहीं लगते है तब तक आप किसी से भी आशा मत करो की कोई आपके बिज़नेस मैं पैसा लगाएगा।

इस तरह का फण्ड मैं आपको लगभग किसी प्रकार का व्याज नहीं देना होता है।
यह आपकी बचत भी हो सकती है, आपके दोस्त, रिश्तेदार आदि जहा से आपको आसानी से बिना लिखा पढ़ी के फण्ड की व्यवस्था हो जाए।

  1. Crowdfunding :

क्रोड़फूंडिंग का अभिप्राय स्टार्टअप द्वारा फण्ड को प्राप्त करने के लिए बिज़नेस के प्लान को सार्वजनिक रूप से सबके सामने रखना है, जिसमे लाभ, हानि प्लान, मार्केटिंग स्ट्रेटेजी आदि भी शामिल है।

जो लोग ऐसी कंपनी को फण्ड देने के लिए तैयार होते है उनसे फण्ड एकत्रित करके बिज़नेस को विक्सित किया जाता है।
इसके एवज मैं आपको भी इनको कुछ देना होता है, जैसी की यदि आप कोई मूवी बना रहे है तो इनको प्रीमिएर पर बुलाओ या फिर किसी प्रोडक्ट पर स्पेशल डिस्काउंट देना और बहुत से चीजे शामिल है।

काफी ऐसे क्रॉड़फंडिंग प्लेटफार्म है , जहा से आप फण्ड भी इक्कठा कर सकते है।

फण्ड को प्राप्त करने के लिए आप सार्वजनिक रूप से कोई भी मीटिंग कर सकते है, अखबारो मैं इस्तेहार द्वारा, सोशल मीडिया द्वारा जैसे की WhatsApp , Facebook ,Instagram , आदि द्वारा आप अपना बिज़नेस प्लान बताकर फण्ड को जमा कर सकते है।

क्राउड फंडिंग फण्ड को एकत्रित करने का कोई भी नया तरीका नहीं है, यह तो एक पुराण तरीका है जो आज भी कारगर शाबित होता है, जैसे की आज भी लोग किसी भी धार्मिक या फिर सामाजिक कार्य के लिए चंदा मांगते है।

क्राउड फंडिंग द्वारा आपको लोगो के विचार भी काफी मिलते है जिसे आप अपने बिज़नेस मैं भी उपयोग कर सकते है।

  1. Angel Investor द्वारा :

वैसे तो पूंजी को एकत्रित करने के बहुत से साधन है, लेकिन स्टार्टअप के शुरूआती के दिनों मैं एंजेल इन्वेस्टर्स एक बहुत बड़ा वरदान साबित होता है।

एंजेल को देव-दूत भी कहा जाता है जैसे की बचपन मैं बच्चे को जैसे एंजेल पर विश्वास होता है, और वो ऐसा विश्वास करते है की हमारी हमारी देखभाल कोई न कोई फरिश्ता या देव-दूत कर रहा है। और हमारे लड़ने या लड़खड़ाने या गिराने की स्तिथि मैं वह जरूर ही हमारा हाथ थम लेगा, ठीक उसी तरह एक स्टार्टअप का विश्वास अपने एंजेल पर होता है और अधिकतर एंजेल निवेशक हाथ थमने मैं थोड़ा भी हिचखीचते नहीं है।

इस तरह का फण्ड अधिकतर कंपनी के शुरूआती दिनों मैं इनकी मदद करते है।

यह एक लोगो का ग्रुप होता है जो स्टार्टअप के बिज़नेस मैं सहयोग करते है। यह फण्ड के साथ ही साथ निर्देश और सञ्चालन मैं भी मदद करते है। इसके बदले में यह बहुत ही अच्छा खासा रिटर्न्स या Ownership का हक़ मैं हिस्सेदारी की भी मांग करते है, इसलिए ये थोड़ा जोखिम से भरा होता है।

Google ,Yahoo , Alibaba आदि कंपनी के शुरूआती दिनों मैं एंजेल इन्वेस्टर्स ने इनका बहुत सहयोग किया है।

  1. Startup योजना द्वारा :

प्रधानमंत्री द्वारा चलायी गयी यह योजना के द्वारा भी आप अपने बिज़नेस के लिए फण्ड इक्कठा कर सकते है।

Startup योजना का उद्देश्य स्टार्टअप युवाओ को बैंक के माध्यम से फण्ड को उपलब्ध करना है, जिससे उनकी शुरुआत शानदार और मजबूत हो सके। आवदेन भी बहुत ही आसानी से किया जा सकता है। इसके तहत कारोबार से जुडी भी शिक्षा दी जाएगी।

Tax फ्री है। पेटेंट करने पर रेजिस्ट्रेशन शुल्क मैं 80 percent की छूट भी दी जाएगी।

  1. Line of credit :

लाइन ऑफ़ क्रेडिट एक तरह का फण्ड होता है जिससे ऋण , आमतौर पर कंपनी या फिर कोई सरकारी संस्थानों को बैंको या वित्तीय संस्थानों के द्वारा भी दिया जाता है। स्टार्टअप के लिए फण्ड एकत्रित करने का एक तरीका यह भी हो सकता है। एक बार राशि स्वीकृत हो जाने पर राशि मैं से जितना चाहे उतना राशि निकाल सकते है।

व्याज बस निकली हुई राशि का ही देना होगा। बाद में आवश्यकता होने पर राशि को फिर से लिया जा सकता है। कई उधोग इसे एक्सपोर्ट या इम्पोर्ट मैं तथा दूसरे देशो मैं बिज़नेस को स्थापित करने और बढ़ने के लिए ले सकते है।

ये क्रेडिट सामान्य ऋण की तरह होता है ,तथा उसे वित्तीय संस्था द्वारा निर्धारित डरो और निर्धारित समय के सिमा मैं ही चुकाना होता है।

  1. Society Scheme द्वारा :

यह आपसी ग्रुप के द्वारा चलायी जाने वाली एक योजना है,जिसमे लोग आपस मैं पैसा को इक्कठा करके किसी जरुरतमंद को दे देते है और फिर वो इंसान महीने मैं थोड़ा थोड़ा पैसा करके उनको वापस लौटा देगा।

इससे यह फायदा होता है की जिस को भी पैसे की जरुरत पड़ती है,उसे किसी भी साहूकार के पास जाकर बड़ा व्याज नहीं देना पड़ता है।

  1. Bank loan द्वारा :

बहुत सरे स्टार्टअप आना बिज़नेस को बढ़ने के लिए निजी स्त्रोतों या वित्तीय संस्थानों जैसे की माइक्रो फाइनेंस हाउस या वाणिज्यिक बैंको से हासिल करते है। स्टार्टअप को मूल राशि और अर्जित व्याज का भुगतान का समय भी तय करना पड़ता है।

ज्यादातर व्याज दर अधिक होती है। यह नए बिज़नेस को वित् पोषित करने का सबसे अच्छा स्त्रोत नहीं हो सकता है, क्योंकि इसका भुगतान स्टार्टअप और व्यपार पर भी ज्यादा दबाव डालता है। स्टार्टअप को इसे लेने मैं सावधानी बरतनी होगी।

  1. बिज़नेस इनक्यूबेटर एवं एक्सेलरेटर :

इनक्यूबेटर एवं एक्सेलरेटर एक अभिभावक या फिर पालक के जैसा होता है, जो अपने छोटे-छोटे बच्चो का ध्यान रखते है,इस तरह इनक्यूबेटर अभी हाल ही मैं शुरू हुए बिज़नेस का ध्यान रखते है।

सरकार की स्टार्टअप पॉलिसी मैं इनक्यूबेटर्स की भूमिका भी जरुरी है और वो स्टार्टअप को मान्यता भी प्राप्त कराती है, उनके लिए दिशा निर्देश निर्माण एवं वित्तीय सहयोग प्रदान करने मैं भूमिका अदा करती है।

ये मान्यता को प्राप्त इनक्यूबेटर स्टार्टअप्स को विभिन्न सहयोग भी प्रदान करते है और उनको किसी भी प्रकार की कोई समस्या होने पर उसका समाधान करते है।

  1. Mudra loan द्वार :

प्रधानमंत्री द्वारा छाए गए मुद्रा लोन के माध्यम से भी फण्ड को एकत्रित किया जा सकता है। आज इस योजना के द्वारा सरकार कई लोगो को स्टार्टअप के लिए लोन भी दे रही है। अगर आपके पास कोई भी बिज़नेस आईडिया है, लेकिन फण्ड की कमी है तो आप इस योजना का लाभ उठा सकते है। इसके माध्यम से आपको 10 लाख रूपए तक का लोन मिल सकता है।

यह लोन तीन प्रकार से दिया जा सकता है शिशु लोन – जिस में 50000 तक का लोन,किशोर लोन 5 लाख तक का लोन, और तरुण लोन 5 से 10 लाख तक का लोन दिया जा सकता है।

  1. Venture capital द्वारा :

स्टार्टअप के लिए शुरूआती चरण मैं वेंचर कैपिटल धन जुटाने के लिए काफी लोकप्रिय है। जो लोग अगर इस तरह के कंपनी मैं पैसा लगाते है, उन्हें वेंचर कैपिटलिस्ट कहा जाता है।

वेंचर कैपिटलिस्ट स्टार्टअप को बस आर्थिक रूप से सहारा नहीं देते है, बल्कि जरुरी मामलों मैं स्टार्टअप का मार्गदर्शन भी करते है। वेंचर कैपिटल को निवेश के बदले कंपनी मैं इक्विटी या फिर हिस्सेदारी चाहते है।

कंपनी के निर्णयों मैं इनकी एक अलग भूमिका होती है, यह परामर्श तकनिकी या प्रबंधन से सम्बंधित हो सकता है। कंपनी को आगे ले जाने मैं यह बहुत ही सहायक साबित हो सकता है। वेंचर कैपिटल बहुत ही जोखिम वाला निवेश होता है।

इंडस्ट्री,मैनेजमेंट, कारोबार की योजना और Growth के अनुमान के मूल्यांकन करने के बाद ही वेंचर कैपिटलिस्ट किसी वेंचर मैं पैस लगाने का फैसला तय करते हैं।

दोस्तों आशा करती हूँ की आज का मेरा यह आर्टिकल बिज़नेस स्टार्टअप के लिए फण्ड कैसे प्राप्त करें इस पर आपको पसंद आया हो अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो Please इसे Like and Share करना न भूलें।

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